अरिहंत देव स्वामी शरण
Karaoke :
अरिहंत देव स्वामी, शरण तेरी आए
दुःख से हैं व्याकुल, कर्म के सताए हम ॥टेक॥
निज कर्म काट करके, आप सिद्ध हो गए हो
तारण-तरण तुम्ही हो, जिनवाणी बताए ॥१॥
शक्ति है तुझमें ऐसी, कर्म काटने की
छोड़कर तुम्हे हम, किसकी शरण जाएं ॥२॥
मझधार में पड़ी है, प्रभुजी नाव मेरी
भव-पार तुम लगा दो आस लेके आए ॥३॥
तारा है तुमने उनको, जिसने भी पुकारा
हम भी पुकारते हैं, तुझसे लौ लगाए ॥४॥