ओ जगत के शांति दाता
Karaoke :
तर्ज : ओ बसंती पवन पागल
ओ जगत के शान्तिदाता, शान्ति जिनेश्वर,
जय हो तेरी॥टेक॥
मोह माया में फ़ंसा, तुझको भी पहिचाना नहीं
ज्ञान है ना ध्यान दिल में धर्म को जाना नहीं
दो सहारा, मुक्तिदाता, शान्ति जिनेश्वर ॥1 जय...॥
बनके सेवक हम खडे हैं, आज तेरे द्वार पे
हो कृपा जिनवर तो बेडा, पार हो संसार से
तेरे गुण स्वामी मैं गाता, शान्ति जिनेश्वर ॥2 जय...॥
किसको मैं अपना कहूं, कोई नजर आता नहीं
इस जहां में आप बिन कोई भी मन भाता नहीं
तुम ही हो त्रिभुवन विधाता, शान्ति जिनेश्वर ॥3 जय...॥