प्रभु दर्शन कर जीवन की
Karaoke :
तर्ज : घर आया मेरा परदेसी, प्यास बुझी
प्रभु दर्शन कर जीवन की, भीड़ भगी मेरे कर्मन की ॥टेर॥
भव-वन भ्रमता हारा था पाया नहीं किनारा था ।
घड़ी सुखद आई सुमरण की ॥१...भीड़॥
शान्त छबी मन भाई है, नैनन बीच समाई है ।
दूर हटूँ नहीं पल छिन भी ॥२...भीड़॥
निज पद का 'सौभाग्य' वरूं, अरु न किसी की चाह करूँ ।
सफल कामना हो मन की ॥३...भीड़॥