मन तड़फत प्रभु दरशन
Karaoke :
तर्ज : राग माल कोष
मन तड़फत प्रभु दरशन को आज ॥टेक॥
मोरे तुम बिन बिगरे सगरे काज,
विनती करत हूँ रखियो लाज,
मन तड़फत प्रभु दरशन को आज ॥
तुमरे द्वार का मैं हूँ जोगी,
हमरी ओर नजर कब होगी,
सुन मेरे व्याकुल मन का बाज,
मन तड़फत प्रभु दरशन को आज ॥
बिन गुरु ज्ञान कहाँ से पाऊँ, (2)
दीजो दान प्रभु गुण गाऊँ,
सब मुनिजन पर तुमरो राज,
मन तड़फत प्रभु दरशन को आज ॥