मनहर मूरत जिनन्द निहार
Karaoke :
तर्ज : पतझर सावन बसन्त बहार -- सिन्दूर
मनहर मूरत जिनन्द निहार
आज मिला है जीवन सार, (३),
मार्ग मिला भव पार का, शिव द्वार का ।
पूजन रच के होऽऽ,
पूजन रचके गुण गण गाऊँ, हर जीवन में स्वामी ध्याऊँ,
हो जबलों मोक्ष का संगम पाऊँ,
बीते जीवन ये देव द्वार, देव द्वार ॥मनहर...१॥
वीतरागता होऽऽ
वीतरागता मुख से बरसे, आपसा बनने को मन तरसे,
'सेवक' का प्रभु अपनी महर से, मेट दो अब फेरा संसार ॥मनहर...२॥