मस्तक झुका के
Karaoke :
तर्ज : दे दी हमें आजादी
सब मिलकर आज जय कहो, श्री वीर प्रभु की।
मस्तक झुका के जय कहो, श्री वीर प्रभु की ॥टेक॥
ज्ञानी बनो, दानी बनो, बलवान भी बनो ।
अकलंक सम बन, जय कहो, श्री वीर प्रभु की ॥1॥
विघ्नों का नाश होता है, लेने से नाम के ।
माला सदा जपते रहो, श्री वीर प्रभु की ॥2॥
तुमको भी अगर मोक्ष की, इच्छा हुई है दास ।
उस वाणी पर श्रद्धा करो, श्री वीर प्रभु की ॥3॥