हरो पीर मेरी
Karaoke :
हरो पीर मेरी त्रिशला के लाला,
मैं सेवक तुम्हारा बड़ा भोला भाला
मुझे ठग लिया अष्ट कर्मों ने स्वामी,
भटकता फिरा मैं बना मूढगामी,
विषय भोग ने मुझपे (हो...-२), ऐसा जादू डाला, हुआ मतवाला
मैं पर को ही अपना समझता रहा हूँ,
वृथा विकथा में उलझता रहा हूँ,
धरम क्या है मैंने कभी (हो.. -२), देखा न भाला, यूँ ही वक्त टाला
न देखा गया तुमसे जग के दुखों को ,
तजा क्षण में अपने सारे सुखों को,
अहिंसा से मेटी तुमने (हो..-२), हिंसा की ज्वाला, हुई दीपमाला
सुना है प्रभो आप सुनते हो सबकी,
आती है पंकज को वो याद तबकी,
सती चंदना का तुमने (हो..-२), संकट था टाला, यह सच है दयाला