शास्त्रों की बातों को मन से ना जुदा करना, संकट जो कोई आये स्वाध्याय सदा करना ॥ जीवन के अंधेरों में दुखों का बीडा है, पहचान जरा कर ले फ़िर जड से मिटा देना ॥
हम राह भटकते हैं, मंजिल का नहीं पाना, चहुं ओर अंधेरा है बुझा दीप हमारा है । हमें राह दिखा जिनवर भव पार हमें करना ॥
धन दौलत की दुनिया अपना ही पराया है, तू सार करे किसकी माटी की काया है, पहचान जरा करले फ़िर जग से विदा लेना ॥