आतम जानो रे भाई
Karaoke :
आतम जानो रे भाई !
जैसी उज्जल आरसी रे, तैसी आतम जोत ।
काया-करमनसों जुदी रे, सबको करै उदोत ॥१॥
शयन दशा जागृत दशा रे, दोनों विकलपरूप ।
निरविकलप शुद्धातमा रे, चिदानंद चिद्रूप ॥२॥
तन वचसेती भिन्न कर रे, मनसों निज लौं लाय ।
आप आप जब अनुभवै रे, तहाँ न मन वच काय ॥३॥
छहौं दरब नव तत्त्वतैं रे, न्यारो आतमराम ।
'द्यानत' जे अनुभव करैं रे, ते पावैं शिवधाम ॥४॥