क्यूं करे अभिमान जीवन
Karaoke :
तर्ज: मेरा जीवन कोरा कागज
क्यूं करे अभिमान जीवन, है ये दो दिन का ।
इक हवा के झोंके से उड़ जाए ज्यों तिनका ॥
लाखों आए और चले गए, थिर न रह पाया ।
ख़ाक बन जायेगी इक दिन, ये तेरी काया ।
ये समय है आज तेरे आत्म चिंतन का ॥
खाली हाथों आया जग में, संग ना कुछ जाए ।
कर्म तू जैसा करेगा, काम वो ही आए ।
ज्ञान की ज्योति जगा, तम दूर कर मन का ॥
छोड़कर झंझट जगत के, शरण प्रभु की आ ।
त्याग जप तप शील संयम, साधना चित ला ।
दास है ये भक्त तेरा, वीर चरणन का ॥