जब चले आत्माराम
Karaoke :
जब चले आत्माराम, छोड धन-धाम, जगत से भाई
जग में न कोई सहायी ॥
तू क्यों करता तेरा मेरा, नहीं दुनिया में कोई तेरा
जब काल आय तब सबसे होय जुदाई, जग में न कोई सहायी ॥
तू मोहजाल में फ़ंसा हुआ, पापों के रंग में रंगा हुआ
जिन्दगानी तूने वृथा यों जी गवाई, जग में न कोई सहायी ॥
सम्यक्त्व सुधा का पान करो, निज आतम ही का ज्ञान करो
यूं टले जीव से लगी कर्म की काई, जग में न कोई सहायी ॥
चेतो चेतो अब बढे चलो, सतपथ सुमार्ग पर बढे चलो
यूं बाज रही यमराजा की शहनाई, जग में न कोई सहायी ॥