ममता तू न गई मोरे
Karaoke :
स्वर : पं मांगीलाल जी, कोलारस वाले
ममता तू न गई मोरे मन तें ॥
पाके केस जनम के साथी, लाज गई लोकनतें।
तन थाके कर कंपन लागे, ज्योति गई नैननतें ॥तू न...1॥
सरवन बचन न सुनत काहुके बल गये सब इंद्रिनतें ।
टूटे दसन बचन नहिं आवत सोभा गई मुखनतें ॥तू न...2॥
कफ पित बात कंठपर बैठे सुतहिं बुलावत करतें ।
भाइ-बंधु सब परम पियारे नारि निकारत घरतें ॥तू न...3॥
जैसे ससि-मंडल बिच स्याही छुटै न कोटि जतनतें ।
तुलसीदास बलि जाउँ चरनते लोभ पराये धनतें ॥तू न...4॥