मति भोगन राचौ जी
Karaoke :
राग : उझाज जोगी रासा
नित पीज्यो धीधारी
मति भोगन राचौ जी, भव-भव में दुख देत घना ॥टेक॥
इनके कारन गति गति मांही नाहक नाचौ जी ।
झूठे सुख के काज धरम में पाड़ौ खांचौं जी ॥१॥
पूरब कर्म उदय सुख आया, राजौ माचौ जी ।
पाप उदय पीड़ा भोगन में, क्यौं मन काचौ जी ॥२॥
सुख अनंत के धारक तुम ही, पर क्यौं जांचौं जी ।
'बुधजन' गुरु का वचन हिया में, जानौ सांचौ जी ॥३॥