हिंसा झूठ वचन अरु
Karaoke :
राग आसावरी
हिंसा झूठ वचन अरु चोरी, परनारी नहीं हरिये,
निज पर को दुखदायन डायन तृष्णा बेग विसरिये...॥१॥
जासों परभव बिगड़े वीरा ऐसो काज न करिये,
क्यों मधु-बिन्दु विषय को कारण अंधकूप में परिये...॥२॥
गुरु उपदेश विमान बैठके यहाँ ते वेग निकरिये,
'नयनानन्द' अचल पद पावे भवसागर सो तिरिये...॥३॥