चेतन खेल सुमति संग
Karaoke :
तर्ज : थे काहे जावो गिरनारी
राग : आसावरी जोगिया जलद तेतालो
चेतन ! खेल सुमति संग होरी ।
तोरि आन की प्रीति सयाने, भली बनी या जौरी ॥टेक॥
डगर डगर डोले है यौं ही, आव आपनी पौरी ।
निज रस फगुवा क्यौं नहिं बांटो, नातर ख्वारी तोरी ॥
चेतन ! खेल सुमति संग होरी ॥१॥
छार कषाय त्यागी या गहि लै, समकित केशर घोरी ।
मिथ्या पाथर डारि धारि लै, निज गुलाल की झोरी ॥
चेतन ! खेल सुमति संग होरी ॥२॥
खोटे भेष धरैं डोलत है, दुख पावै बुधि भोरी ।
'बुधजन' अपना भेष सुधारो, ज्यौं विलसो शिवगोरी ॥
चेतन ! खेल सुमति संग होरी ॥३॥
होरी - होली, तोरि - तोड़कर, जौरी - जोड़ी, डगर - गली, पौरी - ड्योढ़ी, फगुआ - फाग, नातर - अन्यथा, ख़्वारी - बरबादी, छार - छोड़कर, गहिलै - ग्रहण करले, पाथर - पत्थर, डारि - डाल कर / फेंककर, धारण कर ले, भोरी - भोली, शिवगोरी - मोक्ष