लगी लौ नाभिनंदन
Karaoke :
राग : सोरठ
लगी लो नाभिनंदन सों ।
जपत जेम चकोर चकई, चन्द भरता को ॥
जाउ तन-धन जाउ जोवन, प्रान जाउ न क्यों ।
एक प्रभु की भक्ति मेरे, रहो ज्यों की त्यों ॥१॥
और देव अनेक सेवे, कछु न पायो हौं ।
ज्ञान खोयो गाँठिको, धन करत कुवनिज ज्यों ॥२॥
पुत्र-मित्र कलत्र ये सब, सगे अपनी गों ।
नरक कूप उद्धरन श्रीजिन, समझ 'भूधर' यों ॥३॥