दुःख मेटो वीर
Karaoke :
तर्ज : उठ सजनी खोल किवारे तेरे - औरत
दुःख मेटो वीर हमारे, हम आये द्वार तुम्हारे,
नहीं और कोई चित भाता, तुम ही हो स्वामी हमारे ॥टेक॥
तुम महावीर कहलाये, तज राजपाट वन धाये ।
हिंसा को मिटाने वाले, लाखों जीवों को तारे ॥
दुःख मेटो वीर हमारे, हम आये द्वार तुम्हारे ॥1॥
श्रीपाल को तुमने उबारा, मैना के दुःख को टारा ।
हे सती चंदना के प्रण को , तुमही हो पूरण हारे ॥
दुःख मेटो वीर हमारे, हम आये द्वार तुम्हारे ॥2॥
दरबार मे तेरे आकर, खाली नही जाता चाकर ।
'पंकज' की झोली भर दे, मैं पूजूँ चरण तिहारे ॥
दुःख मेटो वीर हमारे, हम आये द्वार तुम्हारे ॥3॥