ज्ञानी का ध्यानी का सबका
Karaoke :
तर्ज :- फूलों का तारों का
ज्ञानी का ध्यानी का सबका कहना है
एक आत्मा ही सच्चा गहना है
सोना... चांदी... पुद᳭गल की सेना है ॥टेक॥
पर को अपना माने यही है तेरी भूल
रम जा निज में चेतन खिलेंगे समकित फूल
संयम की साधना... से ही रहना है ॥१ ज्ञानी...॥
आलू जो खाते हैं वो बन जाते भालू
चाकलेट जो चूसते हैं वे बन जाते चालू
नरकगति की वे यात्रा कर आते ॥२ ज्ञानी...॥
जीवन के दु:खों से जो डरते नहीं हैं
ऐसे ज्ञानी बच्चे कभी रोते नहीं हैं
सुख की है चाह तो दु:ख भी सहना है ॥३ ज्ञानी...॥
सत्य अहिंसा सदाचारमय जीवन जिसका है,
देव-शास्त्र गुरु की वाणी पर श्रद्धा रखता है,
मोक्ष महल की सीढ़ी पर चढ़ जाता है ॥४ ज्ञानी...॥