जैन वर्ग पहेली - 1





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बाएं से दाएं
1) सोलह-कारण भावना में से एक भावना (6)
4) द्र्व्य का लक्षण (2)
5) सात भय में से एक भय (4)
10) एक सती जिसके प्रभाव से सांप फूल की माला बन गयी (2)
12) माला, पराजय (2)
13) षठकाय जीवों में से सबसे ज्यादा ये जीव पाए जाते हैं (6)
14) रामचंद्र जी को १४ वर्ष के लिये मिला था (4)
17) मरण निकट जानकर एक-एक करके चीजों को छोडते जाना और म्रुत्यु को अंगीकार करना (6)
18) एक निक्षेप, कर्म का एक भेद (2)
19) सीता के पिता (3)
20) सकल व्रत (4)
21) अरिहंत भगवान में 18 ____ नहीं पाए जाते (2)
22) रावण के ससुर, मंदोदरी के पिता (2)
24) वे जीव जिनके शरीर को रोका जा सके, काटा जा सके (3)
25) दुल्हा (2)
26) मन में कुछ, वचन में कुछ और और काया से कुछ और व्यक्त करना (4)
29) अंतिम श्रुत केवली
32) कोई भी शास्त्र लिखने या पढने के पहले किया जाता है (6)
33) कुंथुनाथ भगवान का चिन्ह (3)
34) सोलह स्वर्ग में से दूसरा (3)
35) छोटा टुकडा (2)
38) एक तीर्थंकर (4)
40) सखी (2)
41) वे मुनी जिन्होने 700 मुनियों का उपसर्ग दूर किया था (5)
43) दस कोडाकोडी पल्य बराबर (3)
45) नियत समय तक के लिये ली गई प्रतिज्ञा (3)
46) वस्तु (द्रव्य) का भाव (2)
48) पांच स्थावर जीव + त्रस = __काय जीव (2)
50) एक शास्त्र जिसमें सात तत्वों का निरूपण किया है (5)
51) अरिहंत प्रतिमा से स्पर्शित जल (4)
53) एक तीर्थंकर जिनकी रक्षा धरणेंद्र-पद्मावती ने की थी (4)
54) जीवन पर्यंत के लिये ली गई प्रतिज्ञा (2)
56) तीर्थंकर की जन्म नगरी (अक्रतिम) (3)
58) एक प्रकार के मुनी (3)
59) भवनवासी देवों में एक प्रकार (2)
61) आंशिक व्रत (4)
64) जिसका कभी नाश ना हो (3)
65) नष्ट हॊ गया है मोह्नीय कर्म जिनका, एक गुणस्थान (4)
68) भोग भूमि में पाए जाने वाले वृक्ष (4)
70) दशानन (3)
72) एक नरक की धरती का प्रकार (4)
74) अरिहंत भगवान की दृष्टी का जिस जगह केन्द्रित होना (2)
75) इस देवी का नृत्य देखते हुए रिषभदेव को वैराग्य हुआ था (4)
78) नेमिनाथ के साथ इनका विवाह तय हुआ था (3)
79) बालक वर्धमान की जन्म भूमि (5)
81) एक मार्गणा, शरीर (2)
82) कर्म का एक प्रकार (5)
84) इस नाम कर्म के उदय से एक शरीर के अनेक मालिक होते हैं (4)
85) महामंत्र (4)
88) रावण का भानजा, जिसका वध लक्ष्मण के द्वारा हुआ था, वही सीता-हरण का कारण बना (5)
91) मोह और योग से संसारी जीवों में दर्शन व चारित्र गुण मे हीनाधिकता (4)
93) इस कर्म का नाश = अनन्त बल (5)
94) जम्बू द्वीप में एक भोग भूमि (3)
95) मोह कर्म के उपशम या नाश से ______ चारित्र प्रकट होता है (5)
96) एक प्रकार का समुदघात (5)
97) कार्य करने से पहले मन में संकल्प करना (4)
98) एक दुखरूप ध्यान (4)
100) पर वस्तु को अच्छा जानकर उसमें इष्ट भाव (2)
101) राजा श्रेणिक की पत्नी (3)
102) नय का एक प्रकार (4)
103) विशिष्ठ पुरुषों में से एक पद (2)
104) एक सिद्धक्षेत्र जहां से सारे बलभद्र मोक्ष गए (4)
ऊपर से नीचे
1) सम्यक्त्व का एक अंग (4)
2) एक तीर्थंकर का चिन्ह (3)
3) डर (2)
4) जिन धर्मविशेषों के द्वारा नाना जीव और उनकी नाना प्रकार की जातियां जानी जाती है (3)
5) मुनि के शरीर से पुतला निकलता है वो इस शरीर का प्रकार होता है (4)
6) एक लब्धी (3)
7) देवों के मानसिक आहार होता है, मनुष्य और तिर्यंच के _______ (आहार का प्रकार) (5)
8) ज्ञान का एक प्रकार (2)
9) मुनी द्वारा तप के लिये अपने शरीर को जान-बूझकर कष्ट देना (4)
11) एक भावना (5)
15) प्रणाम (4)
16) ___ सहित जीव = संज्ञी जीव (2)
19) प्रत्येक पूजा के बाद पढी जाती है (4)
23) सहारा (3)
24) आदिनाथ भगवान के पहले ये मोक्ष गए थे (4)
25) अवधीज्ञान का एक प्रकार, एक तीर्थंकर का बाल्य-काल का नाम (4)
27) मांगने वाला (3)
28) एक रिद्धी (3)
30) एक अनुयोग (5)
31) षठ आवश्यक में से एक (2)
34) पहली बार निगोद में से निकलनें के बाद फ़िर निगोद (6)
36) एक मुनी जिन्होने रावण का मान भंग किया था (2)
37) पांच पांडव में से एक (3)
39) सबसे बडा पाप, मोह
40) जैन आगम इससे चिन्हित होता है (4)
41) रावण का भाइ (4)
42) व्यवहार काल की इकाई (3)
44) सम्यक दर्शन-ज्ञान-चारित्र (4)
46) कर्मों की निर्जरा इससे होती है (2)
47) नेमिनाथ भगवान की निर्वाण भूमि (4)
49) ११ अंग १४ पूर्व के ज्ञाता एक परमेष्ठी (4)
51) सामान्य केवली का समवसरण नहीं होता ____ होती है (4)
52) जो आत्मा को कसे, दुख दे (3)
55) विद्वान, ज्ञानवान (3)
56) नहीं खाने योग्य (3)
57) जम्बू द्वीप के मध्य का क्षेत्र (3)
60) ___ वीरस्य भूषणम (2)
62) 20 कोडा कोडी सागर का काल (4)
63) जीव राशि _ _ _ - _ _ _ है (3,3)
64) मरती विरियां जीव को कोइ न राखनहार यहां कौनसी भवना भाई है (4)
65) मध्य लोक का पांचवां समुद्र, यहां के जल से तीर्थंकर का जन्माभिषेक होता है (5)
66) कर्म की यह प्रक्रति संसार का कारण है (4)
67) मुनिराज के 28 मूलगुणों मे से एक ___लोंच (2)
69) इस शब्द का गलत अर्थ बताने के लिये राजा वसु सिंघासन सहित सातवें नरक गया था (2)
71) ज्ञानावर्णी कर्म के नाश से प्रकट होता है (5)
73) अष्ट प्रातिहार्यों में से एक, सीता का भाई (4)
76) लक्षमण व श्रीकृष्ण इस पदवी के धारी थे (4)
77) तीर्थंकर के देवकृत अतिशय में से एक (6)
80) महान पुरुषों की जीवनी (3)
81) निमित्त और नैमैत्तिक में ___-कार्य सम्बन्ध है (3)
83) नरक में भीषण दुख देने वाले वृक्ष (3)
84) निष्कर्ष (2)
86) मित्थ्यात्व (2)
87) वस्तू को देख-परखकर ही नतीजे पर पहंचना, बिना देखी वस्तू को नहीं मानना :- ____वाद (3)
88) अरिहंत परमेष्ठी के खडे रहने की मुद्रा (5)
89) एसे भव्य जीव जो कभी मोक्ष नहीं जाएगे = ____भव्य (5)
90) जीवन चक्र (5)
92) श्रीकृष्ण, लक्षमण, श्रेणिक के जीव अभी इस गति में हैं (3)
93) राग-द्वेष से रहित (4)
95) राजा श्रेणिक ने इन मुनी के गले में मरा हुआ सर्प डाला था (4)
96) भक्त्तामर के रचयिता ____ आचार्य़ (4)
99) अष्ट मंगल द्रव्य में से एक (3)
100) राजा रघू के पौत्र (2)