बाएं से दाएं 2) काय-क्लेश करते समय मुनि महाराज का धूप में बैठकर तप करना ________ योग कहलाता है 4) लब्धि के निमित्त से आत्मा के जो परिणमन होत है वो है ____ 7) आत्मा के प्रदेशों का संकोच होना 10) धर्मध्यान का एक भेद 11) पहले और बाद के दिन एकासन के साथ अष्टमी और चतुर्दशी के दिन उपवास 13) हाथ 14) तालाब 16) जैन शासन के प्रभाव का प्रकाशन 19) जो निर्ग्रंथ व्रतों को अखंड पालते हुए, शरीर व उपकरण की शोभा बढाने में लगते हैं 20) जो मनुष्य लोक में मेरु पर्वत की प्रदक्षिणा देते हुए हमेशा घूमते रहते हैं 21) क्रोध के कारण उपस्थित होने पर भी क्रोध नहीं करना 22) त्रस हिंसा का त्याग और स्थावर हिंसा के त्याग न करने का भाव 25) संवर मे इंद्रियों का ____ किया जाता है 27) चतुर्गति 29) भूख से कम खाना 30) जानने वाला 32) स्थिति और अनुभाग रहित कर्मों के आश्रव को ____ आश्रव कहते हैं। 34) वस्तु को रखते उठाते समय जीव रक्षा का ध्यान रख्नना। 35) दर्शनावरणी कर्म की प्रकृति 36) चारित्र का एक भेद 38) बारह भावनाओं में से एक 40) धर्मादिक छहों द्रव्य कभी भी छह, इस संख्याका उल्लंघन नहीं करते, इसलिए वे _____ कहे जाते हैं 41) खट्टा मीठा आदि किसके भेद हैं 44) निश्चित हुई वस्तु को कालांतर में नहीं भूलना 45) जो जेर लिपटे हुए जरायु से पैदा होते हैं 47) जिनके मूलगुणों में दोष लगता है, उत्तर गुणों की तो भावना ही नहीं होती 48) अनिंद्रिय 49) छलकपट 51) प्रोषधोपवास व्रत का एक अतिचार 53) एक नोकषाय 54) भरत क्षेत्र के निकटवर्ती क्षेत्र 55) आयु कर्म का समाप्त होना 56) एक से ज्यादा इंद्रिय जीव 57) कर्म के उपशम से आत्मा में जो भाव होता है 59) विदेह-क्षेत्र में एक भोग भूमि का नाम 60) नंदीश्वर द्वीप का एक पर्वत 62) जो स्व नहीं है 63) जम्बूद्वीप की एक नदी का नाम 64) इन्द्रिय विषय भोगॊं मे अलिप्तता का परिणाम 68) इतने योग होते हैं 70) व्यंतर देवों का एक भेद 71) भाषात्मक शब्द का भेद 72) दो वस्तुओं के आघात से उत्पन्न होने वाले शब्द का एक प्रकार
ऊपर से नीचे 1) बहुत प्रकार की वस्तुओं के ग्रहण को कहते हैं 2) स्वयं अपने मर्यादित क्षेत्र में रहते हुए मर्यादा से बाहर के क्षेत्र की वस्तु को किसी के द्वारा मंगाना। 3) दूसरे की पत्नी 5) कर्मों की निर्जरा के लिये भूख आदि की वेदना उत्पन्न होने पर उसे शांत भावों से सहन करना। 6) शरीर में कांति देने वाला शरीर 7) इस कर्म के उदय से शरीरों के प्रदेशों में परस्पर छिद्र रहित एकता होती है। 8) जम्बूद्वीप का एक क्षेत्र 9) एक नरक का नाम 12) एक भवनवासी देव 15) व्रतों का एकदेश भंग होना 16) बिना प्रयोजन यहां वहां घूमना तथा पृथ्वी आदि खोदना। 17) उल्टी, कै 18) अन्यथा प्रवृत्ति करना 23) धर्म-ध्यान का एक भेद = _______ विचय 24) इंद्रियों और मन की सहायता से होने वाला ज्ञान 26) स्थान 28) आयु, शक्ति, भोग, उपभोग आदि में इंद्र के समान किंतु आज्ञा रूप ऐश्वर्य से रहित 31) एक परीषह 33) अचौर्यव्रत की एक भावना 34) एक लौकांतिक देव 35) जानते हुए भी किसी कारण से ज्ञान को छुपाना 37) काल द्रव्य का एक उपकार 38) एक अनुत्तर विमान 39) इहलोक परलोक संबंधी किसी प्रयोजन की अपेक्षा बिना शरीर और कषाय का कृष करना 42) झूंठ नही बोलना 43) मनःपर्यय ज्ञान का एक भेद 46) द्वीप समुद्रों के मध्य का द्वीप 49) इस पर्वत के आगे मनुष्य नहीं पाए जाते 50) सात नयों में से एक 51) आस्रव के आधार द्रव्य को ____ कहते हैं 52) जंबू-द्वीप में एक नदी 57) पांच शरीरों में एक 58) ज्योतिषी देवों की जघन्य आयु १____ के आठवें भाग है। 59) जो वस्तु बार बार भोगने में आये 61) जो कल्पों में उत्पन्न नहीं होते 65) जिसमें हम रहते हैं 66) 15 दिन 67) स्व 69) झुका हुआ