+ अजीव द्रव्यों के नाम - -
धर्माधर्म-नभ:-काल-पुद्गला: परिकीर्तिता: ।
अजीवा जीवतत्त्वज्ञैर्जीवलक्षणवर्जिता: ॥60॥
अन्वयार्थ : जीवतत्त्वज्ञैः धर्म-अधर्म-नभः-काल-पुद्गलाः जीवलक्षणवर्जिताः अजीवाः परिकीर्तिताः ।
जीव-तत्त्व के ज्ञाता (आत्मज्ञ) अरहंत, आचार्य आदि साधक जीवों ने धर्म, अधर्म, आकाश, काल एवं पुद्गल - इन पाँच द्रव्यों को जीव-द्रव्य के लक्षण से रहित होने के कारण अजीव-द्रव्य कहा है ।