+ छहों की द्रव्यसंज्ञा - -
जीवेन सह पञ्चापि द्रव्याण्येते निवेदिता: ।
गुण-पर्ययवद्द्रव्यमिति लक्षण-योगत: ॥63॥
अन्वयार्थ : गुणपर्ययवद् द्रव्यम् इति लक्षणयोगत: जीवेन सह निवेदिता: एते पञ्च अपि (अजीवा:) द्रव्याणि (सन्ति)
जीव सहित ये पाँचों भी (अजीव द्रव्य) द्रव्य कहे गये हैं; क्योंकि ये सभी गुणपर्ययवद्द्रव्यं इस द्रव्य के लक्षण से सहित हैं ।