!! श्रीसर्वज्ञवीतरागाय नम: !!

श्रीमद्‌-भगवत्कुन्दकुन्दाचार्य-देव-प्रणीत

श्री
नियमसार

मूल प्राकृत गाथा, पद्मप्रभमलधारिदेव कृत संस्कृत टीका के हिंदी अनुवाद सहित

आभार :

  पद्मप्रभमलधारिदेव