देवेहिं सादिरेया, तिजोगिणो तेहिं हीणतसपुण्णा।
वियजोगिणो तदणा, संसारी एक्कजोगा हु॥261॥
अन्वयार्थ : देवों से कुछ अधिक त्रियोगियों का प्रमाण है। पर्याप्त त्रस राशि में से त्रियोगियों को घटाने पर जो शेष रहे उतना द्वियोगियों का प्रमाण है। संसार राशि में से द्वियोगी तथा त्रियोगियों का प्रमाण घटाने से एक योगियों का प्रमाण निकलता है ॥261॥

  जीवतत्त्वप्रदीपिका