जोइसियवाणजोणिणितिरिक्खपुरुसा य सण्णिणो जीवा।
तत्तेउपम्मलेस्सा, संखगुणूणा कमेणेदे॥277॥
अन्वयार्थ : ज्योतिषी, व्यंतर, योनिनी तिर्यंच, तिर्यक् पुरुष, संज्ञी तिर्यंच, तेजोलेश्यावाले संज्ञी तिर्यंच तथा पद्मलेश्यावाले संज्ञी तिर्यंच जीव क्रम से उत्तरोत्तर संख्यातगुणे-संख्यातगुणे हीन हैं ॥277॥

  जीवतत्त्वप्रदीपिका