
को बहुविध कहते हैं। एक जाति की एक दो व्यक्तियों को अल्प कहते हैं। एक जाति की अनेक व्यक्तियों को एकविध कहते हैं अथवा दो जातियों के अनेक व्यक्तियों को अल्पविध कहते हैं। क्षिप्रादिक तथा उनके प्रतिपक्षियों का उनके नाम से ही अर्थ सिद्ध हैं ॥311॥
जीवतत्त्वप्रदीपिका