जीवतत्त्वप्रदीपिका
पच्चक्खाणे विज्जाणुवादकल्लाणपाणवादे य।
किरियाविसालपुव्वे कमसोथ तिलोयविंदुसारे य॥346॥
जीवतत्त्वप्रदीपिका