जीवतत्त्वप्रदीपिका
बारुत्तरसयकोडी, तेसीदी तह य होंति लक्खाणं।
अट्ठावण्णसहस्सा पंचेव पदाणि अंगाणं॥350॥
जीवतत्त्वप्रदीपिका