जीवतत्त्वप्रदीपिका
प्रमाण है, मन:पर्ययज्ञान वाले कुल संख्यात हैं तथा केवलियों का प्रमाण सिद्धराशि से कुछ अधिक है ॥461॥
जीवतत्त्वप्रदीपिका