सोहम्मसाणहारमसंखेण य संखरूवसंगुणिदे।
उवरि असंजदमिस्सयसासणसम्माण अवहारा॥636॥
अन्वयार्थ : सौधर्म-ऐशान स्वर्ग के सासादन गुणस्थान में जो भागहार का प्रमाण है उससे असंख्यातगुणा सानत्कुमार-माहेन्द्र स्वर्ग के असंयतगुणस्थान के भागहार का प्रमाण है। इससे असंख्यातगुणा मिश्र गुणस्थान के भागहार का प्रमाण है। तथा मिश्र के भागहार से संख्यातगुणसासादन गुणस्थान के भागहार का प्रमाण है ॥636॥

  जीवतत्त्वप्रदीपिका