कथा
01 - भूमिका
02 - भरतक्षेत्र का मगधदेश
03 - धर्मनगरी राजगृही
04 - धर्मपरायण महाराज श्रेणिक
05 - पाँचवाँ-अधिकार
06 - ऐरावत हाथी
07 - जिनेन्द्र का समवशरण
08 - समवशरण की रचना
09 - श्रेणिक को समवशरण के समाचार
10 - भावदेव-भवदेव ब्राह्मण की कथा
11 - श्री सौधर्माचार्यजी का धर्मोपदेश
12 - संसार से विरक्त भावदेव की मुनिदीक्षा
13 - भावदेव मुनिवर द्वारा वैरागी धर्मवर्षा
14 - भवदेव द्वारा मुनिदीक्षा अंगीकार
15 - नागवसु द्वारा आर्यिका व्रत धारण
16 - आर्यिका नागवसु द्वारा भवदेव का स्थितिकरण
17 - मोक्षसाधिका नागवसु आर्यिका द्वारा भवदेव मुनि को संबोधन
18 - भवदेव मुनि द्वारा उत्कृष्ट मुनिचर्या का पालन
19 - उन्नीसवाँ-अधिकार
कथा
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श्रीसर्वज्ञवीतरागाय नम:
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श्री-जम्बूस्वामी चरित्र
आभार :
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