+ विरुद्धव्याप्योपलब्धि हेतु का दृष्टान्त -
नास्त्यत्र शीतस्पर्श औष्ण्यात् ॥68॥
अन्वयार्थ : [अत्र] यहाँ [शीतस्पर्शः] शीतस्पर्श [नास्ति] नहीं है [औष्ण्यात्] उष्णता होने से ।
Meaning : No touch-of-cold (shītasparsha) is here because of the presence-of-warmth (ushnatā).

  टीका