टीका
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अविरुद्ध कारणानुपलब्धि हेतु
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नास्त्यत्र धूमोऽनग्नेः ॥78॥
अन्वयार्थ :
यहाँ पर धूम नहीं है, क्योंकि धूम के अविरोधी कारण अग्नि का अभाव है ।
टीका
टीका :
यहाँ धूम नहीं है, क्योंकि अग्नि नहीं है। यहाँ पर धूम के अविरुद्ध कारण अग्नि का अभाव धूम के अभाव को सिद्ध करता है। इसलिए यह हेतु अविरुद्धकारणानुपलब्धि है ।