
नाज्ञाने ज्ञान-पर्याया: ज्ञाने नाज्ञानपर्यया: ।
न लोहे स्वर्ण-पर्याया न स्वर्णे लोह-पर्यया: ॥174॥
अन्वयार्थ : लोहे स्वर्ण-पर्याया: न , स्वर्णे लोह-पर्याया: न अज्ञाने ज्ञान-पर्याया: न , ज्ञाने अज्ञान-पर्याया: न ।
जिसप्रकार लोहे में स्वर्ण की पर्यायें और स्वर्ण में लोह की पर्यायें नहीं होती; उसीप्रकार अज्ञान में ज्ञान की पर्यायें और ज्ञान में अज्ञान की पर्यायें नहीं होती ।