+ गुणों के अभाव से गुणी का अभाव - -
न ज्ञानादि-गुणाभावे जीवस्यास्ति व्यवस्थितिः ।
लक्षणापगमे लक्ष्यं न कुत्राप्यवतिष्ठते ॥324॥
अन्वयार्थ : जीवस्य ज्ञानादि-गुणाभावे (जीवस्य) व्यवस्थिति: न अस्ति; लक्षणापगमे लक्ष्यं कुत्र अपि न अवतिष्ठते ।
जीव के ज्ञान-दर्शनादि गुणों का अभाव मान लेने पर जीव द्रव्य की उपस्थिति / सत्ता नहीं रह सकती; क्योंकि ज्ञानरूप लक्षण का अभाव होनेपर जीवरूप लक्ष्य कहीं नहीं ठहरता है ।