
तल्लक्षणाविसंवादा निराबाधमकल्मषम् ।
कार्यकारणतातीतं जन्ममृत्युवियोगतः ॥447॥
अन्वयार्थ : तत्-लक्षण-अविसंवादा: निराबाधं, अकल्मषं, जन्ममृत्युवियोगत: कार्यकारणातीतं कथयन्ति ।
निर्वाण/मोक्षतत्त्व के लक्षण को अत्यन्त स्पष्ट एवं यथार्थ जाननेवाले सर्वज्ञ जिनेंद्रदेव मोक्षतत्त्व को निराबाध, अकल्मष और कार्यकारणातीत - इन तीन विशेषणों से सहित कहते हैं ।