
ननु किं नित्यमनित्यं किमथोभयमनुभयं च तत्त्वं स्यात् ।
व्यस्तं किमथ समस्तं क्रमतः किमथाक्रमादेतत् ॥336॥
अन्वयार्थ : वस्तु क्या नित्य है अथवा अनित्य है ? क्या उभयरूप है अथवा अनुभयरूप है ? क्या जुदी-जुदी है अथवा एकरूप है ? क्या क्रमपूर्वक है अथवा अक्रमपूर्वक है ?