+ क्या परत्वापरत्व तथा पूर्वापर दिशाओं के समान हैं? -
केवल मुपचारादिह भवति परत्वापरत्ववत्किमथ ।
पूर्वापरदिग्द्वैतं यथा तथा द्वैतमिदमपेक्षतया ॥349॥
अन्वयार्थ : अथवा सत्त्‌ और परिणाम इन दोनों में केवछ उपचार से परत्वापरत्व व्यवद्वार होता है क्या ? आशय यह है कि जिस प्रकार अपेक्षामात्र से पूर्व दिशा ओर पश्चिम दिशा ये दोनों कही जाती हैं उसी प्रकार ये दोनों हैं क्‍या ?