+ क्या छोटे बड़े भाइयों तथा मल्लों के समान हैं? -
अथ किं ज्येष्ठकनिष्ठभ्रात्रद्वयमिव मिथः सपक्षतया ।
किमथोपसुन्दसुन्दमल्लन्यायात्किलेतरेतरस्मात्‌ ॥348॥
अन्वयार्थ : अथवा बड़े ओर छोटे भाई के समान ये दोनों परस्पर अविरुद्ध भाव से एक साथ रहते हैं क्या ? अथवा ये दोनों *उपसुन्द और सुन्द इन दोनों मल्लों के समान परस्पर के आश्रित हैं क्‍या ?
*हिन्दु कथा के अनुसार उपसुन्द और सुन्द भाई थे और परस्पर में अत्यादिक प्रीति करते थे । दोनों ने तप करके ब्रह्मा से वर माँगा कि एक-दूसरे के अलावा उनको कोई मार न सके । बाद में दोनों तिलोत्तमा पर मोहित हुए और एक दूसरे को मार दिया ।