
तस्माद्वैभाविकी शक्तिः स्वयं स्वाभाविकी भवेत् ।
परिणामात्मिका भावैरभावे कृत्सनकर्मणाम् ॥90॥
अन्वयार्थ : [तस्माद्वैभाविकी शक्तिः] इसलिये वैभाविकी शाक्ति [कृत्सनकर्मणाम् अभावे] सम्पूर्ण कर्मों का अभाव होने पर [भावै:] अपने भावों से [स्वयं स्वाभाविकी परिणामात्मिका भवेत्] स्वाभाविक परिणमनशील रहती है ।