+ शुद्ध-चित्-रूप प्राप्ति का सर्वोत्तम उपाय -- ध्यान -
उपाया बहवः संति शुद्धचिद्रूपलब्धये ।
तद्ध्यानेन समो नाभूदुपायो न भविष्यति ॥25॥
इस शुद्ध चिद्रूप लब्धि के यद्यपि उपाय अनेक हैं ।
पर ध्यान सम कोई नहीं, यों ध्यान नित कर्तव्य है ॥३.२५॥
अन्वयार्थ : यद्यपि शुद्धचिद्रूप की प्राप्ति के बहुत से उपाय हैं, तथापि उनमें ध्यानरूप चिद्रूप की तुलना करने वाला न कोई उपाय हुआ है, न है और न होगा, इसलिये जिन्हें शुद्धचिद्रूप की प्राप्ति की अभिलाषा हो उन्हें चाहिये कि वे सदा उसका ही नियम से ध्यान करें ॥२५॥