
जचंदछाबडा :
क्षमा गुण बड़ा प्रधान है, इससे सबके स्तुति करने योग्य पुरुष होता है । जो मुनि हैं उनके उत्तम क्षमा होती है, वे तो सब मनुष्य--देव--विद्याधरों के स्तुति-योग्य होते ही हैं और उनके सब पापों का क्षय होता ही है, इसलिये क्षमा करना योग्य है -- ऐसा उपदेश है । क्रोध सबके निंदा करने योग्य होता है, इसलिये क्रोध का छोड़ना श्रेष्ठ है ॥१०८॥ |