+ लोक की परिभाषा -
दंसंति जत्थ अत्था जीवादीया स भण्णदे लोओ
तस्स सिहरम्मि सिद्धा अंत-विहीणा विरायंते ॥121॥
अन्वयार्थ : जहाँ पर जीव आदि पदार्थ देखे जाते हैं, उसे लोक कहते हैं । उसके शिखर पर अनन्‍त सिद्ध परमेष्‍ठी विराजमान हैं ।

  छाबडा