
सुहुमापज्जत्ताणं इक्को भागो हवेदि णियमेण
संखिज्जा खलु भागा तेसिं पज्जत्ति-देहाणं ॥157॥
अन्वयार्थ : [सुहुमापजत्ताणं] सूक्ष्म पर्याप्तक जीव [संखिजा खलु भागा] संख्यात भाग हैं [तेसिं पज्जत्तिदेहाणं] उनमें अपर्याप्तक जीव [णियमेण] नियम से [इक्को भागो हवेइ] एक भाग हैं ।
छाबडा