
कारण-कज्ज-विसेसा तीसु वि कालेसु हुंति वत्थूणं
एक्केक्कम्मि य समए पुव्वुत्तर-भावमासिज्ज ॥223॥
अन्वयार्थ : [वत्थूणं] वस्तुओं के [पुव्वुत्तरभावमासिज्ज] पूर्व और उत्तर परिणाम को पाकर [तिस्सु वि कालेसु] तीनों ही कालों में [एक्के कम्मि य समए] एक एक समय में [कारणकजविसेसा] कारण कार्य के विशेष [होंति] होते हैं ।
छाबडा