
प्रतिरूपव्यवहार: स्तेननियोगस्तदाहृतादानम् ।
राजविरोधातिक्रमहीनाधिकमानकरणे च ॥185॥
असली में नकली मिला बेचे, चोर को सहयोग दे ।
लेना चुराया द्रव्य, राज विरोध उल्लंघन करे॥
कर माप ताैल के साधनों में, हीनता बहुलीकरण ।
अस्तेय अणुव्रत के कहे, अतिचार जान करो त्यजन ॥१८५॥
अन्वयार्थ : [प्रतिरूपव्यवहार:] प्रतिरूप व्यवहार अर्थात् असली चीज में नकली चीज मिलाकर बेचना [स्तेननियोग:] चोरी करनेवालों की सहायता करना, [तदाहृतादानम्] चोरी की लाई हुई वस्तुओं को रखना, [च] और [राजविरोधातिक्रम-हीनाधिकमानकरणे] राज्य द्वारा आदेशित नियमों का उल्लंघन करना, माप या तौल के गज, मीटर, काँटा, तराजू आदि के माप में हीनाधिक करना, - [एते पञ्चास्तेयव्रतस्य] यह पाँच अचौर्यव्रत के अतिचार हैं
Meaning : Adulteration, abetment of theft, receiving stolen property, illegal traffic, and false weights and measures .
टोडरमल