आलं जणदि पुरिसस्स महल्लं जेण तेण महिला सा ।
एयं महिलाणामाणि होंति असुभाणि सव्वाणि॥987॥
आल1 लगावे पुरुषों पर इसलिए कहा उसको महिला ।
इसप्रकार नारी के वाचक शब्दों को है अशुभ कहा॥987॥
अन्वयार्थ : पुरुषों के लिए महान अनर्थ उपजाती है, इसलिए इसे महिला कहते हैं । इसप्रकार स्त्रियों के जितने नाम हैं, वे सभी अशुभ हैं । नाम ही दोषों की घोषणा करते हैं ।

  सदासुखदासजी