जं छोडिओ सि जं मोडिओसि जं फाडिओसि मलिदोस ।
जं लोडिदोसि सिंघाडएसु तिक्खेसु वेएण॥1586॥
तुम्हें विदारा मोड़ा फाड़ा अरु कुचला था पैरों से ।
लोहे के सिंघाड़ों पर था गया घसीटा जोरों से॥1586॥
अन्वयार्थ : भो मुने! नरक में तुम हाथ-पैरादि से भग्न किये गये हो, पटके गये हो, फाडे गये हो, मर्दले गये हो, तीक्ष्ण शृंगारक/तीक्ष्ण पत्थर तथा काँटों पर अति वेग से लिटाये गये हो, घसीटे गये हो, उन दु:खों का चिंतवन करो ।

  सदासुखदासजी