आवासया हु भव अद्धाउस्सं जोगसंकिलेसो य।
ओकट्टुककट्टणगा, छच्चेदे गुणिदकम्मंसे॥251॥
अन्वयार्थ : कर्मों का उत्कृष्ट संचय करने के लिये प्रवर्तमान जीव के उनका उत्कृष्ट संचय करने के लिये ये छह आवश्यक कारण होते है - भवाद्धा, आयुष्य, योग, सं्नलेश, अपकर्षण, उत्कर्षण ॥251॥

  जीवतत्त्वप्रदीपिका