
देवेंहि सादिरेया, पुरिसा देवीहिं साहिया इत्थी।
तेहिं विहीण सवेदो, रासी संढाण परिमाणं॥279॥
अन्वयार्थ : देवों से कुछ अधिक मनुष्य और तिर्यग्गति सहित पुरुषवेदवालों का प्रमाण है और देवियों से कुछ अधिक, मनुष्य तथा तिर्यग्गति सहित स्त्रीवेदवालों का प्रमाण है। सवेद राशि में से पुरुषवेद तथा स्त्रीवेद का प्रमाण घटाने से जो शेष रहे वह नपुंसकवेदियों का प्रमाण है ॥279॥
जीवतत्त्वप्रदीपिका